सर्वजन कल्याण इंडिया संगठन समाज के कमजोर, वंचित और पिछड़े वर्गों के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित एक सामाजिक संस्था है। हमारा उद्देश्य समाज के हर उस व्यक्ति तक सहायता व जागरूकता पहुँचाना है जो आर्थिक, शैक्षणिक, सामाजिक या स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहा है। संस्था सामाजिक समानता, शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता के मार्ग पर लोगों को अग्रसर करने के लिए निरंतर कार्यरत है।
हमारा उद्देश्य
कमजोर व पिछड़े वर्गों का विकास
हम समाज के कमजोर, पिछड़े और वंचित तबके के लोगों को सामाजिक, आर्थिक और नैतिक रूप से सशक्त बनाने का प्रयास करते हैं।
सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना
अनुसूचित जाति, जनजाति व पिछड़ी जाति के हित में केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की सही जानकारी जन-सामान्य तक पहुँचाना हमारी मुख्य प्राथमिकता है।
महिलाओं को स्वावलंबन की ओर प्रेरित करना
महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए हम कई प्रकार के निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करते हैं, जैसे—
सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, पेंटिंग, दस्तकारी, हस्तशिल्प, मसाला उद्योग, पापड़ निर्माण, मोमबत्ती/अगरबत्ती निर्माण, ब्यूटी पार्लर, मेहंदी, कंप्यूटर प्रशिक्षण आदि।
शिक्षा का प्रसार
हम संस्था के कार्यक्षेत्र में शिक्षा के विस्तार के लिए विद्यालय, पुस्तकालय, कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र और अन्य शिक्षण संस्थानों की स्थापना व संचालन करते हैं।
सामाजिक बुराइयों के खिलाफ अभियान
दहेज प्रथा, जाति भेदभाव, बाल विवाह, बाल श्रम, नशा, जुआ और नारी उत्पीड़न जैसी सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध जागरूकता फैलाना हमारा सतत प्रयास है।
स्वास्थ्य और स्वच्छता जागरूकता
पल्स पोलियो, टीकाकरण, एड्स, कुष्ठ निवारण, स्वास्थ्य और स्वच्छता से संबंधित जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। साथ ही हम रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य जांच शिविर, महिला स्वास्थ्य परामर्श शिविर आदि का भी आयोजन करते हैं।
स्वरोजगार और ग्रामोद्योग को बढ़ावा
हम खादी ग्रामोद्योग बोर्ड/आयोग के माध्यम से ग्राम उद्योगों और लघु उद्योगों की स्थापना कर बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास करते हैं।
हमारी टीम
प्रमुख पदाधिकारी
विनोद कुमार यादव — अध्यक्ष
जोगेंद्र सिंह — कोषाध्यक्ष
रीना बौद्ध — सचिव
हमारी टीम सामाजिक उत्थान के लिए पूर्ण समर्पण, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ कार्य करती है।
संस्था के उद्देश्य
सर्वजन कल्याण इंडिया संगठन पूरी तरह पूर्त (Charitable) कार्यों के लिए समर्पित है तथा समाज के सर्वांगीण विकास के लिए निम्नलिखित उद्देश्यों के आधार पर कार्य करती है:
01.कमजोर एवं पिछड़े वर्गों का विकास
समाज के आर्थिक, सामाजिक व नैतिक रूप से कमजोर तथा पिछड़े वर्गों का सशक्तीकरण एवं उत्थान करना।
02. सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना
अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ी जाति के हितार्थ सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी जन-सामान्य तक पहुँचाना।
03. महिलाओं को स्वावलंबी बनाना
महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु निम्न क्षेत्रों में निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाना:
सिलाई, कढ़ाई, बुनाई, पेंटिंग, दरिकालीन, दस्तकारी, हस्तशिल्प, मसाला उद्योग, पापड़ उद्योग, मोमबत्ती/अगरबत्ती निर्माण, ब्यूटी पार्लर, टीवी एवं कम्प्यूटर प्रशिक्षण, मेहंदी आदि।
04. साहित्य एवं ललित कलाओं की प्रोन्नति
साहित्य, सांस्कृतिक गतिविधियों व ललित कलाओं के विकास तथा शिक्षण को बढ़ावा देना।
05.उपयोगी जानकारी एवं राजनीतिक शिक्षा का प्रसार
जनसाधारण में उपयोगी जानकारी व राजनीतिक शिक्षा के प्रसार हेतु कार्य करना।
06. शिक्षा के प्रचार-प्रसार हेतु संस्थान की स्थापना
विद्यालय, पुस्तकालय, कम्प्यूटर प्रशिक्षण केंद्र एवं अन्य शिक्षण संस्थानों की स्थापना व संचालन करना।
07. सामाजिक बुराइयों के विरुद्ध जनजागरण
दहेज प्रथा, जाति भेदभाव, नारी उत्पीड़न, बाल विवाह, बाल श्रम, जुआ, शराब एवं नशीली दवाओं के सेवन के विरुद्ध जागरूकता अभियान चलाना।
08. स्वास्थ्य एवं स्वच्छता जागरूकता
पल्स पोलियो, टीकाकरण, एड्स, कुष्ठ निवारण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़ी जानकारियाँ जन-सामान्य को उपलब्ध कराना और समय-समय पर स्वास्थ्य शिविर, रक्तदान शिविर, महिला स्वास्थ्य परामर्श शिविर का आयोजन करना।
09.सार्वजनिक पुस्तकालय व वाचनालय को बढ़ावा
सदस्यों एवं जनता के लिए खुले पुस्तकालयों व वाचनालयों की स्थापना एवं संचालन हेतु कार्य करना।
10. कला, संग्रहालय एवं गैलरियों को प्रोत्साहन
रंग-चित्रों, कलाकृतियों, लोक कला संग्रहालयों एवं गैलरियों की स्थापना, संरक्षण एवं विकास के लिए कार्य करना।
11. प्राकृतिक इतिहास का संकलन
नैसर्गिक (Natural) इतिहास के संकलन व संरक्षण के लिए पहल करना।
12. यांत्रिक एवं दार्शनिक आविष्कारों को बढ़ावा
यांत्रिक (Mechanical) तथा दार्शनिक (Philosophical) आविष्कारों, दस्तावेजों, अभिकल्पनाओं के प्रचार-प्रसार हेतु कार्य करना।
13.खादी, ग्रामोद्योग एवं ग्रामीण विकास
खादी एवं ग्रामोद्योग, पंचायत उद्योग तथा ग्राम्य विकास से संबंधित कार्यों को प्रोत्साहित करना और रोजगार सृजन की दिशा में योगदान देना।